अध्याय 8 विश्वासघात और हानि
वह धुएँ के बीच से धीरे-धीरे उनकी ओर बढ़ा।
जूडिथ की आँखें खुशी से चमक उठीं और वह तुरंत खुद को उसकी बाँहों में झोंक गई।
ऑस्टिन ने उसे मज़बूती से थाम लिया, उसे सँभालने के लिए बाँहें फैला दीं।
“ऑस्टिन, चलो जल्दी यहाँ से निकलते हैं!” वह चीखी, उसकी कलाई पकड़कर उसे बाहर की ओर खींचने की कोशिश करती हुई।
“ऑस्टिन!” एला ने नाक ढँक ली। घना धुआँ उसकी आँखों और गले को जलाने लगा था, और उसकी आवाज़ सिसकियों में टूट गई। “मेरी मदद करो!”
ऑस्टिन आवाज़ की दिशा में मुड़ा।
जूडिथ तुरंत उसके सामने आ गई, उसका रास्ता रोकते हुए, और नाटकीय ढंग से उसकी छाती से लगकर—झूठी बेहोशी का अभिनय करते हुए—ढह गई।
उसकी भौंहें सिकुड़ गईं। सहज ही उसने जूडिथ को बाँहों में उठा लिया और बॉलरूम के बाहर निकलने की ओर चल पड़ा।
उफनता सफ़ेद धुआँ एला की आकृति को पूरी तरह ढँक चुका था।
ऑस्टिन रुक गया, उस कोने को घूरते हुए जहाँ से उसे उसकी आवाज़ सुनाई दी थी।
उसी पल ऊपर लगा क्रिस्टल का झूमर अपने बंधन से टूट गया।
भारी-भरकम झूमर एला की आवाज़ की दिशा में धड़ाम से गिरा। काँच के टुकड़े चारों ओर उछल पड़े, और कुछ ऑस्टिन की बाँह पर चीरे की तरह लग गए।
वह दहशत में देखता रह गया—झूमर उसी जगह को दबा गया जहाँ उसे लगा था कि एला है।
ऑस्टिन मदद की कोई चीख़ सुनने के लिए ठिठका रहा।
लेकिन कुछ नहीं। बस एक भयानक सन्नाटा।
ऑस्टिन की भौंहें और गहरी सिकुड़ गईं। क्या उसने उसकी आवाज़ बस अपने भ्रम में सुन ली थी?
जूडिथ ने उसकी बाँहों में हल्की-सी हाँफ निकलते हुए उसकी कमीज़ का कॉलर कसकर पकड़ लिया।
अपने संदेह अलग रखकर, वह उसे उठाए बॉलरूम से बाहर निकल गया।
धुएँ की मोटी चादर के पीछे से, एला ने उस गहरी परछाईं को सुरक्षित निकलते देख लिया।
उसे पक्का पता था कि ऑस्टिन वापस नहीं आएगा।
उसने सचमुच उसे छोड़ दिया था।
टूटे झूमर के काँच के टुकड़े उसकी टाँगों में धँस गए थे, उसकी सुनहरी शाम की गाउन को चीरते हुए।
जो कपड़ा कभी शाही और सलीकेदार लगता था, अब वह सुर्ख़ लाल दाग़ों से भर गया था।
दर्द उसकी नसों में चाकू की तरह उतर रहा था, फिर भी उसका दिल अजीब तरह से सुन्न पड़ा था।
आग की अंतहीन लहरों में वह एक छोड़ी हुई पाल-नौका जैसी थी—पूरी तरह अकेली।
होश धुंधलाने लगा तो एला बार-बार फुसफुसाई, “प्लीज़, मुझे बचा लो… मेरे बच्चे को बचा लो।”
बेहोशी में उसे एक अजीब-सा, टूटा-फूटा सपना आया।
घने, अभेद्य अँधेरे में, जगह अनगिनत टुकड़ों में बँटी हुई थी।
हर टुकड़े में ऑस्टिन के साथ उसकी चार साल की शादी के कुछ-कुछ दृश्य थे।
कहीं हँसी थी, तो कहीं वह पूरी तरह सजी हुई खाने की मेज़ के सामने अकेली बैठी थी।
उसने ऑस्टिन को रात-दर-रात उसके शरीर पर टूटते देखा—वारिस की ज़िद में, बेरहम तरीके से।
एला लाचार होकर ये सब देखती रही, जैसे उसका दिल अंदर से खोखला कर दिया गया हो और उस खालीपन में कड़वी हवाएँ सीटी मारती घूम रही हों।
वह हिल नहीं सकती थी—बस दुख में डूबती जा रही थी।
जब अगली बार उसे होश आया, तो उसे लगा वह मर चुकी है।
वह खुद को एक ऑपरेशन थिएटर में पाती है।
उसे महसूस हुआ कि उसके निचले हिस्से को चीरा जा रहा है, जैसे उसका पेट खाली किया जा रहा हो—लेकिन वह बोल नहीं पा रही थी।
वह बस ऊपर तेज़ चमकती सर्जिकल लाइटों को घूरती रही, और उसके कनपटियों से आँसू बहते रहे—फिर अँधेरा उसे फिर से निगल गया।
“मेरा बच्चा! नहीं!”
एला झटके से जागी, पेट को पकड़े, चीख पड़ी।
जानी-पहचानी एंटीसेप्टिक की गंध उसकी नाक में चुभी।
वह घबराकर इधर-उधर देखने लगी। जो नर्स उसकी नस में आईवी लगा रही थी, एला ने उसकी कलाई पकड़ ली और तड़पकर पूछा, “मैं कहाँ हूँ?”
“हॉस्पिटल में,” नर्स ने झुँझलाकर कहा और एला की पकड़ से अपना हाथ छुड़ा लिया।
यह जरूर कोई डरावना सपना होगा।
एला ने बेतहाशा सिर हिलाया। आँखों में आँसू भर आए, और उसने चादर को कसकर पकड़ा। “मेरा बच्चा ठीक है न?”
“कृपया शांत हो जाइए। हमने अभी सर्जरी की है। आपकी चोटें बहुत गंभीर थीं, और हम बच्चे को नहीं बचा पाए,” नर्स ने समझाया—और साथ ही ड्यूटी डॉक्टर को बुलाने लगी।
यह खबर एला पर बिजली की तरह गिरी, और उसका शरीर बेकाबू काँपने लगा।
यह सपना नहीं था।
जिस बच्चे को पाने के लिए उसने इतनी जद्दोजहद की थी, वह चला गया था।
वह मानने को तैयार नहीं थी। ये लोग झूठ बोल रहे होंगे।
एला ने चादरें झटक दीं, लेकिन तभी उसे पता चला कि उसकी टाँगें उसका भार नहीं उठा पा रहीं।
उन पर कई परतों में पट्टियाँ बँधी हुई थीं।
"मेरे पैरों को क्या हुआ है?" उसने झपटकर फिर से नर्स का हाथ पकड़ते हुए मांग की।
नर्स ने उसका हाथ झटक दिया और पीछे हटकर सुरक्षित दूरी पर चली गई।
"आपकी चोटें काफी गंभीर थीं। आपने बहुत सारा धुआँ अंदर ले लिया था, जिससे फेफड़ों में सूजन हो गई, और आपके पैरों में कई जगह कट लगे। आपके निचले हिस्से से काफी खून बह गया था, इसलिए ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने नसों को नुकसान और संभावित लकवे से बचाने के लिए सावधानी से कदम उठाए—खून रोकने से पहले काँच के टुकड़े निकाल दिए।"
एला चिल्लाई, "मैं ये नहीं पूछ रही!"
"मैडम, कृपया इतना उत्तेजित मत होइए। जिन डॉक्टर ने आपकी सर्जरी की है, वे थोड़ी देर में आ जाएंगे। आप उनसे अपने सवाल पूछ लीजिए," नर्स ने समझाया, साफ दिख रहा था कि उसे यह स्थिति संभालना मुश्किल लग रहा था।
एला ने मुट्ठियाँ भींच लीं; उसके नाखून हथेलियों में धँस गए।
आँखों में जिद की आग लिए उसने मांग की, "क्या मेरा बच्चा वापस आ सकता है? तुम मुझसे झूठ बोल रही हो, है न?"
वह हारकर सिर झुका बैठी, कंधे काँप रहे थे, जैसे अब बस गिर ही पड़ेगी।
"मुझे बहुत अफसोस है, हम आपके बच्चे को नहीं बचा पाए," नर्स ने उसे ढाढ़स बंधाने की कोशिश की।
एला पूरी तरह टूट गई। वह बेबस होकर बिलखने लगी, रोते-रोते उसका चेहरा आँसुओं से भीग गया।
ऐसा नहीं हो सकता।
उसका बच्चा तो सुरक्षित होना चाहिए था।
उसके पैर चोटिल थे, मगर बच्चे को तो कुछ नहीं होना चाहिए था।
वे उसके बच्चे को कैसे नहीं बचा पाए?
एला नर्स की बात मान ही नहीं पा रही थी।
उसे साफ-साफ याद था—डॉक्टर ने उसके गर्भ से कोई अस्पष्ट-सी चीज़ निकाली थी; आधा-अधूरा सा बना ऊतक, जिसे लापरवाही से मेडिकल कचरे के डिब्बे में फेंक दिया गया था।
"मिस ब्रूक्स, आप होश में आ गईं!"
एला ने झटके से सिर उठाया—एक डॉक्टर चौड़ी मुस्कान लिए तेज़ कदमों से उसकी ओर आ रहा था।
"मैं डॉ. ज़ेवियर हॉफमैन, प्रसूति विभाग का प्रमुख, जिसने आपकी सर्जरी संभाली," उसने खुशदिली से अपना परिचय दिया।
वह मुस्कुरा रहा था।
उसी ने ऑपरेशन टेबल पर से उसका बच्चा निकाला था।
और अब वह ऐसे मुस्कुरा रहा था जैसे कुछ हुआ ही न हो।
एला के मुँह से एक ठंडी, बेमज़ा हँसी निकल गई। यह कसाई अभी भी मुस्कुरा कैसे सकता है?
"कृपया परेशान मत होइए। आपकी हालत बहुत नाज़ुक थी—बहुत ज्यादा खून बहना, और ऊपर से आपकी पहले से कमजोर शारीरिक स्थिति। हमें आपकी जान को प्राथमिकता देनी पड़ी। हमारे पास यही एक रास्ता था," उसने बनावटी पछतावे वाला चेहरा बनाकर समझाया।
उसका हर शब्द उसकी कच्ची नसों पर नाचता-सा लगा।
एला ने तिरस्कार से हँसकर कहा, "तो यही आपका आधिकारिक जवाब है? क्या आप सच में डॉक्टर कहलाने के काबिल हैं?"
"मिस ब्रूक्स, आपकी भाषा बहुत उग्र है। हम भी नहीं चाहते थे कि आपकी माँ बनने की संभावना खत्म हो जाए, मगर आपकी जान बचाने के लिए हमें गर्भपात करना पड़ा," ज़ेवियर ने कहा, जैसे नैतिकता के ऊँचे आसन पर बैठ गया हो।
एला ने ठोस तर्कों के साथ चुनौती दी, "मैं इस अस्पताल में पहुँची कैसे? सर्जरी की अनुमति किसने दी? और मैं ऑपरेशन के दौरान होश में आई थी—मैंने आपको मेरे बच्चे को कचरे में फेंकते देखा। क्या आप सच में मेरी जान बचाने की कोशिश कर रहे थे, या आपने जानबूझकर ये सब कराया?"
उसकी बात सुनते ही ज़ेवियर का चेहरा तुरंत सख्त हो गया।
"मैं डॉक्टर हूँ, कातिल नहीं। किसी भी मेडिकल दुर्घटना की जिम्मेदारी मैं ले सकता हूँ। क्या आप मेरी पेशेवर नैतिकता पर सवाल उठा रही हैं?" उसने ठंडे स्वर में जवाब दिया।
एला समझ गई कि वह कोई ढंग की सफाई देने वाला नहीं है। उसने ठुड्डी उठाई—होंठ फीके, शरीर कमजोर—और भर्राए स्वर में बोली, "आपने अब तक मेरे किसी सवाल का जवाब नहीं दिया।"
"मिस ब्रूक्स, अगर आपको इस सर्जरी को लेकर कोई आपत्ति है, तो आप मेरे खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकती हैं। मैं जवाब देने के लिए तैयार रहूँगा," वह टालते हुए बोला और मुड़कर जाने लगा।
नर्स एक तरफ चुपचाप खड़ी रही, बोलने की हिम्मत नहीं कर पा रही थी।
डॉक्टर के पीछे जाने से पहले उसने एला को एक कमजोर-सी नजर से देखा, जैसे कुछ छिपा रही हो।
एला स्तब्ध बैठी रही।
क्या वह अपराधबोध में अभिनय कर रहा था?
अब वह एक बात पक्की तौर पर समझ गई थी: वह झूठ बोल रहा था।
प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ हुई थी।
या फिर शायद शुरुआत से ही यह एक साज़िश थी।
एला ने आँखें बंद कर लीं। वह अपने बच्चे को जवाबों के बिना स्वर्ग नहीं जाने दे सकती थी।
वह उसका पहला बच्चा था।
